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sagi bahen ki Chudai


नमस्कार दोस्तो, मै बहेनचोद
रविराज फ़िर एक बार एक नई
कहानी के साथ हाजिर हु।
उम्मीद करता हू की आपको
मेरी ये कहानी बहूत पसंद
आयेगी।
मे ईस वेबसाईड का बहूत
पुराना पाठक हू। और
इन्होंने मुझे मेरी आपबिती
आपके साथ
शेअर करने का मोका दिया,
ईसलिये मै ईस साईड का बहुत
शुक्रगुजार हू।
अरे मै तो एक बात बताना भुल
गया की ये कहानी कोई कहानी
नही बल्की
मेरे साथ घटी हुयी सच्ची
हकीकत है। तो दोस्तो मै
आपका जादा टाईम ना लेते
हुये सिधे
अपनी कहानी पर आता हू।
आप सब भाई लोग अपना लंड अपने
हाथ मे ले ले और अगर लड़की /
भाभी है
तो चूत मे उंगली घुसा ले, और
कहानी को ध्यान से पढ़े।
ये बात रक्षाबंधन अगस्त 2016
के दिनकी है।
और मुझे राखी बांधने के
लिये मेरी बहन नेहा उसके
ससुराल से हमारे यहाँ
रक्शाबंधन के एक दिन पहले
ही आ गयी थी।
एक बात मै आप लोगोंको बता
देता हू,
मेरी दोनों बहनोंकी शादी हो
गयी है, और मेरे बडे भैय्या
की भी शादी हो गयी है।
और मेरा भाई काम के
सिलसिलेमे गाँव छोडकर भाबी
के साथ शहर चला गया है।
उधर उसे अछा खासा काम और
बढिया पगार मिल रही है।
इसलिये वो कुछ महिनोंसे
शहरमे ही रहने लगा है। और
हमारे घर मे अब मै और मेरी
माँ हम दोनो ही रहते थे।
क्युंकी पापा तो काम के
सिल्सिले मे जादा टाईम तो
बाहर गाँव को ही रहते थे।
तो दोस्तो हमारे घर मे तो घर
के सारे कामकाज का बोज माँ
के उपर आ गया था।
और मेरे माता पिता मेरी
शादी के बारे मे सोच रहे थे।
उस रात को दिदी का मुड नही
था। इसलिये वो जल्दी ही सो
गयी थी।
मै रातभर परेशान रहा। लेकिन
कुछ न कर सका। और फ़िर दुसरे
दिन रक्षाबंधन का
दिन था ………
अब पेश है आगे की कहानी,
दोस्तो आज सुबह मेरी बडी
दिदी नेहा मुझे राखी बांधने
के लिये सजधज के
तैय्यार थी। माँ हमारे लिये
चाय बना रही थी, मै दिवान पे
बैठा था और नेहा दिदी
न्युज पेपर पढ रही थी। इतने
मे माँ को मेरी मौसी का फ़ोन आ
गया की मौसाजी
की तबियत अचानक खराब हो गयी
थी। ईसलिये माँ जल्दीही
तय्यार हो कर मौसी
के गाँव चली गयी। मा के जाने
के बाद हम भाई बहन दोनो ही घर
मे थे।
मै नहाने के लिये बाथरूम
चला गया। दो मिनिट बाद नेहा
दिदी बाथरूम
मे आ गयी, और मुझे बोली, “क्यु
रे चोर, तुम्हारे बाबूराव
की मलाई
मुझे नही खिलाओगे क्या?”
मै बोला, “दिदी मै तो रात से
ही तरस रहा था। लेकीन तुम ही
नही आयी।”
वो बोली, “रात मे मा के सर मे
दर्द हो रहा था, ईसलिये नही आ
सकी।”
मै कपडे उतारने लगा। दिदी
चुपचाप तमाशा देख रही थी।
मैने पुरे कपडे उतार
दिये अब मेरे शरिर पर सिर्फ़
अंडरवेअर ही बाकी थी।
दिदीने वो भी निकाल ली।
और मेरे लंड के साथ खेलने
लगी। मै भी दिदी के मम्मो के
साथ खेलने लगा।
दिदीने बडे गले का गाउन
पहना था। मैने उपरसे दिदीके
मम्मेको हाथ मे लिया
और मसलने लगा। दिदी आहे
भरने लगी। मुझे भी बहुत मजा
आ रहा था।
मैने दिदी का गाऊन निकाल
दिया। ऊसके बडे बडे मम्मे
गाऊन के बाहर आ
गये। मेरे मुह मे पानी आ रहा
था। मैने दिदीका एक मम्मा
मुहमे डाला और
दुसरे को दुसरे हाथ से
दबाने लगा। मैने घूम कर उसे
अपनी बाँहो मे जकड़
लिया। दिदीने भी मेरे लॅंड
को सहलाना छोड़ कर मुझे अपनी
बाँहो मे भर लिया।
हम भाई बहन एक दुसरे को
चुमने लगे।वो मदहोश हो रही
थी।
दीदी ने मुझे थोडा पीछे
होकर निचे बैठने को कहा मैं
पीछे हो गया।
और निचे बैठ गया। और दोनो
पैर को फैलाकर जाँघो के बीच
आ गया।
दिदी अपनी चुत को मेरे लंड
पे सेट करके उपर बैठ गयी।
मेरा लॅंड दीदी की चूत मे टच
करने लगा था।
दीदी की चूत बहुत ही गहरी
थी। उसने मेरा लॅंड पकड़ कर
अपनी चूत के छेद मे घुसा
लिया। दिदी कि चुत गिली हो
गयी थी।
मेरा लंड दिदी की चुत मे
ईजी चला गया।
साफ़ जाहीर था दिदी बडी
चुद्द्कड थी। मेरे जिजीजी
के अलावा और भी कई
लडकोंसे वो चुदवाती थी। जिस
भी लडके को या मर्द को वो
देखती थी,
उसके लंड के बारे मे सोचती
थी, और अगर मौका मिले तो जरुर
वो उससे चुदवा
लेती थी।
प्यारे दोस्तो मै एक बात
बताना चाहता हू की मेरा ऐसा
कोइ
दोस्त नही है,जिसने मेरी
नेहा दिदी को ना चोदा हो, और
उसके ससुराल मे भी
कोइ ऐसा मर्द नही होगा
जिससे दिदीने ना चुदवाया
होगा।
अब दीदी ने अपने दोनो हाथो
से मेरा सिर पकड़ कर अपने
बूब्स मे ज़ोर से दबा
लिया्।
और सिस्कारिया लेने लगी। मै
मजे से दिदीको चोदने लगा।
मेरी दिदी मुझसे ऐसे
चुदवा रही थी, की शायद ही कोइ
पोर्न की हिरोईन अपने
हिरोसे चुदवाती होगी।
धीरे धीरे चोदने लगा, वो भी
अपना बड़ा गांड को उठा उठा
के चुदवाने लगी,
फिर मैने उससे घोड़ी बनाया
और दोनो चूतड़ को पकड़ के
फिर से
उसके चूत मे ठोकने लगा, फिर
मैं नीचे लेट गया और वो मेरे
लंड
को अपने चूत मे सटा लीया और
उच्छल उच्छल कर चुदवाने
लगी,
मैने कहा,”दिदी आज तो राखी का
दिन है।”
तो वो बोली, “ईस लिये तो दिन
के उजाले मे पुरी नंगी होके
तुमसे चुदवा रही हू।
मैने अपने बहन को बाहों मे
ले लिया और उसके रशीले होठ
को चूसने लगा,
उसकी चूचियों को मसलने लगा,
वो आआह आआआआह
उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ कर रही
थी,
और बोल रही थी आज तूने खुश कर
दिया, अपने बहन को खुश कर
दिया,
आज मुझे मेरा गिफ्ट मिल गया,
मैं खुश हो गयी।
और आज का पुरा दिन और पुरी
रात हम दोनोंको नंगाही रहना
है।”
मै बोला, “तो ये राखी का
उत्सव याद्गार बनाना चाहती
हो ?”
दिदी कुछ ना बोली। सिर्फ़
मुस्कूरा उठी।मै समझ गया।
दिदी कि चुत मे
खुजली हो रही थी। दिदी मुझे
उसी अवस्था मे हाल मे ले आई।

फ़िर दिदी ने मुझे सोफ़े पे
बिठाया और मेरे लंड पर राखी
बांधी।
फ़िर अपनी चुत फ़ैलाके बोली,
मेरे प्यारे चोदू गिफ़्ट के
तोर पे
तुम्हारा लंड मेरी चुत पे
रगडो। बडी जोर से चोदो मुझे
और बुझा दो
प्यास मेरी। मैने वैसा ही
किया। दिदी ने चुत को फ़ैला
दिया और
मै शुरु हो गया। मुझे बहुत
मजा आ रहा था।
राखी पे जो घूंगरू लगे थे
उनका बडा मधुर आवाज आ रहा
था।
उस संगित के लय पर हमारी
चुदाई चालू थी।
फ़िर एक बार मेरा लंड और
दिदी की चुत मे
वासना का भयानयक खेल चालु
हो गया। जैसे की तुफ़ान आ गया
हो।
कुछ देर बाद दीदी आअहह ऑश
आहह करते हुए एकदम से ढीली
पड़ गई
और निढाल सी लेटी रही.. लेकिन
में फिर भी दीदी
और ऊपर होकर दीदी के पास लेट
गया और दीदी से बोला
कि कैसा लगा दीदी? वो कुछ
नहीं बोली। चुपचाप पडी रही।
लेकीन मै
रुकनेवाला नही था। में दीदी
के बूब्स को फिर से चूसने
लगा
और दीदी का एक हाथ पकड़ कर
अपने लंड पर रख दिया और ऊपर
नीचे
करने लगा। मैं उसकी गांड ले
ऊपर से हाथ फ़ेरने लगा और
उसे धीरे-धीरे मसलने लगा।
बडा मजा आ रहा था।
कैसी विडंबना थी यारो,
एक भाई अपनी सगी बहन को चोद
रहा था। और वो बहन मजे से
चुदवा रही थी। वासना के आगे
कोई रिश्ता नही होता।
अब मैं और भी गर्म हो गया था।
दिदी के मम्मे जोर जोर से
दबाने लगा।
और उसकी चुत को सहलाने लगा।
फ़िर मैने मेरा लंड दिदी कि
चुत पे
सेट किया और धक्का मारने की
कोशीश करने लगा। लेकीन मै
सफ़ल नही
हो रहा था। दिदी की चुत थंडी
पड गयी थी।
तो दीदी ने कहा कि भाई बस कुछ
देर रुक जा में अभी सब करती
हूँ
दोस्तो मैने दिदी को दो बार
चोदा।और दोनो एक दूसरे को
पकड़ के सो गये।
और दिन भर हम दोनो नंगे ही
रहे।
फ़िर शाम को भी हमने नंगे ही
खाना खा लिया।
खाना खाते समय माँ का फ़ोन आ
गया।
हमने मा से बात की। मा
चार-पांच दिन के बाद
आनेवाली थी। हम बहुत
खुश हो गये। चार-पांच दिन तो
हमारी चांदी ही चांदी थी।
तो दोस्तो आपको मेरी कहानी
कैसी लगी। जरुर बता देना।
इस घटना के बाद मेरी दिदी ने
मेरी भाबी को भि मुझसे
चुदवाया।
कैसे ये मै मेरी अगली कहानी
मे आपको जरुर बता दुंगा।
मेरा मेल आयडी है- damruwala01@gmail.com